बड़े सपने, ध्वस्त स्टार्टअप और 20 साल की सज़ा The collapse of Morality in Silicon Valley

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2012 में यह खबर सुर्खियों में थी कि सिलिकन वैली का एक स्टार्टअप ऐसी टेक्नालॉजी पर काम कर रहा है जिसमें ऊंगली से महज एक बूंद रक्त निकाल कर रक्‍त विश्लेषण के लिए आवश्‍यक हर तरह के आंकड़े प्राप्त हो जाएंगे। किसी पैथलॉजी जांच के लिए बार-बार सूई चुभो कर रक्त बाहर निकालना मेडिकल अनुसंधान के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। स्टार्टअप थेरानॉस का मशीन एडिशन इसलिए क्रांतिकारी समझा जा रहा था क्‍योंकि इससे कई आने वाली बीमारियों की आहट बहुत पहले सुनी जा सकती थी और अनमोल जीवन बचाये जा सकते थे। यह मेडिकल उपचार का पूरा परिदृश्‍य तो बदल देने वाला था ही साथ ही पैथलॉजी के अरबों डॉलर के व्‍यवसाय को चुनौती देने वाला था। एडिशन की घोषणा के साथ -साथ पालो आल्टो, सिलिकन वैली में उसका शानदार आफिस खड़ा होता गया। इस स्टार्टअप के लिए धन मुहैया कराने वाले में खास- खास लोग भी थे। जैसे पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री और राजनेता हेनरी ‍किसिंजर, पूर्व विदेश मंत्री जार्ज शुल्‍ज, पूर्व रक्षा सचिव जेम्‍स मैटिस, मीडिया मोगल रूपर्ट मरडोक और न जाने कितने लोग। देखते देखते एलिजाबेथ होम्‍स के पास 900 मिलियन डॉलर का कोश एकत्र हो गया। टीवी, अख.बार और हर तरह के माध्‍यमों में एलिजाबेथ होम्‍स और उनकी क्रांतिकारी मशीन छा गयी। कुछ पत्रिकाएं जो उद्यमी के नेटवर्थ या औकात को लेकर पागल रहती हैं उन पत्रिकाओं के आवरण पृष्‍ठ पर एलिजाबेथ होम्‍स का सहज कब्‍जा तो हो ही गया सामान्‍य दैनिकों में भी थेरानॉस और एलिताबेथ होम्‍स ने पूरे अमेरिका में सनसनी सी मचा दी। बहुत कुछ बिल गेट्स और स्‍टीव जॉब्‍स की तरह ।

थेरानॉस कंपनी कीस्थापना2012 में की गयी थी और स्थापना केंद्र में थीं एलिजाबेथ होम्स जिनकी उम्र उस समय महज 19 साल थी। इस क्रांतिकारी स्टार्टअप की घोषणा और उसे मिली फंडिंग का ही परिणाम था कि होम्स ने सबसे पहले अपनी स्‍टैनफर्ड की पढ़ाई छोड़ी। क्योंकि उन्हें लगा कि बिन पढ़ाई छोड़े तो बिल गेट्स या स्टिव जॉब्स हुआ नहीं जा सकता । फिर उन्होंने स्टिव जॉब्स का टर्टल नेक टी-शर्ट पहनना शुरू कर दिया। हालांकि बाद में उन्होंने एक इंटरव्यू में इससे इनकार किया कि वे स्टिव जॉब्स की नकल करती हैं। उन्होंने कहा वे सात साल की उम्र से ही टर्टल नेक पहन रही हैं। फिर अपने आफिस में उन्होंने स्टिव जॉब्स के टैंट्रम अपनाने शुरू किये। वे सिलिकन वैली की अगली उभरती हुई स्टार थीं। कभी वे क्लिंटन और जैक मॉ के साथ दिखायी देतीं, कभी ओबामा के साथ। लोगों के मुंह मारे अचरज के खुले रह जाते जब वे सुनते कि एलिजाबेथ होम्स की उम्र महज 19 साल है।

कंपनी ने वालग्रीन मेडिकल चेन के साथ समझौता किया और लोग थेरानॉस की मशीन से जांच कराने लगे। जैसे -जैसे मशीन परिपक्‍वता की ओर बढ. रही थी आम लोगों की उत्‍सुकता भी बढ रही थी। 2022 के जनवरी की 4 तारीख को एलिजाबेथ होम्स को धोखाधड़ी और उससे जुड़े कई मसलों के लिए कोर्ट ने 20 साल की सजा सुना दी।

आखिर हुआ क्या?

जो आमतौर पर किसी फ्रॉड स्टार्टअप्स के साथ होता है। शुरू में वैज्ञानिकों ने इसकी आशंका जतायी थी कि रक्त की एक बूंद से आखिर कितने टेस्ट किये जा सकते हैं? हर विलयन के बाद तो रक्त की पोटेंसी कम होती जाएगी। कंपनी के अंदर और कंपनी के बाहर से इसके बारे में सवाल उठने शुरू हो गये। पर इफरात पैसे और ग्लैमर की चकाचौंध ने आलोचनाओं को परे धकेल दिया। कई लोगों को लगा इस तरह युवाओं को अगर हतोत्साहित किया जाता रहा तो क्रांतिकारी खोजें कैसे होंगी?लेकिन 7-8वर्षों में होम्स और उनकी कंपनी ने ऐसा किया क्या था जो उन्हें जेल जाना पड़ा? दरअसल क्रांतिकारी टेस्ट किट एडिसन के नाम से उन्होंने महज ‘डब्बा’ भर बनाया था। यह मशीन एक ही तरह के रक्‍त के नमूने के कई सारे परिणाम देती । पहली रीडिंग से दूसरी में अंतर । दूसरी से तीसरी में अंतर और अंतर का रेंज इतना कि किसी परिणाम तक पहुंचना मुश्किल। इससे निपटने के लिए किया यह जाता था कि जिनके नमूने एकत्र होतेवे आनन-फानन में पारंपरिक मशीनों में डाल कर उनकेपरिणाम मंगाये जाते। फिर कंप्यूटराइज कर एक शोध का स्वरूप दिया जाता। कंपनी में कई लोगों को दो-तीन साल काम करने के बाद ही इसका संकेत मिल जाता था कि इस कंपनी में पारदर्शिता नदारत थी। जिसको जो काम दिया गया था वही करता था ज्यादा एडवेंचरिस्ट नहीं बनता। थोड़े-बहुत भी एडवेंचरिस्ट हुए उन्हें दूसरे ही दिन पैदल करने का हक. कंपनी के पास था। स्टाफ के साथ अंतरंग नहीं होना- कुछ विवाद होते ही कर्मी को बाहर का रास्ता दिखा देना-अपने भेडि.ये जैसे कुत्ते को आफिस लेकर आना उनके कुछ शगल थे। और उस कुत्‍ते का अपने कुत्‍त्‍तत्‍व से ऑफिस के सफाईकर्मी का काम बढा देने की शिकायत एलिजाबेथ तक ले जाने का साहस किसी में नहीं था। यह अचरज की बात थी कि थेरानॉस के कर्मियों की संख्‍या 800 तक पहंच गयी और कंपनी 9 बिलियन डॉलर की हो गयी (लगभग 66,000 करोड. रूपये) । एलिजाबेथ बारे में यह बात भी उड़ी कि उनमें एक तरह की सम्मोहन शक्ति है और बात करते समय उनकी पलकें नहीं गिरतीं- वगैरह वगैरह। चरम सफल व्यक्तियों के लिए इस तरह के प्रलाप शुरू हो जाते हैं। टेड टॉक पर उनका प्रसारण हुआ और न जाने कितने टीवी टॉक शो और बड़े कार्यक्रमों में उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। एलिजाबेथ होम्स के अर्श से फर्श तक की यात्रा यह दिखाती है कि ‘सपने हमेशा बड़े देखने चाहिए’ पर किसी बड़े सपने का गुब्बारा इस तरह भी फूट सकता है एलिजाबेथ होम्‍स ने सोचा नहीं होगा।

होम्स ने कोर्ट में आगे अपील करने की योजना बनायी है। पर यह महज आईवाश है। उनके अपराध के सबूत कोर्ट के सामने रखे गये और उन्हें दोषी पाया। कोर्ट के सामने कई बातों के अलावा एलिजाबेथ ने स्‍वीकार किया कि अफगान सैनिकों की जांच के लिए थेरानॉश मशीन की उपयोग की बात भी उनका एक सफेद झूठ था। एडिसन ने कभी सोचा नहीं होगा कि उनके नाम से ऐसा डब्बा भी बनेगा जो कुछ न करता हो। वैसे सिलकन वैली की फिजाओं में एक कहावत की गूंज जोर- शोर से सुनाई देती है- Fake it Till you Make it- यानि जब तक कुछ बने नहीं तब तक लोगों को बनाते रहो।

कहानी को छोटा करने के लिए दो तीन काम की बातें । जाहिर है कोई यहां व्हिसल ब्‍लोअर बना होगा। व्हिसल ब्‍लोअर थेरानॉस में काम करने वाले दो लोग बने । एरिका चेंग और टाइलर शुल्‍ज । टाइलर शुल्‍ज जार्ज शुल्‍ज के पोते हैं और जार्ज शुल्‍ज ने भी इस स्‍टार्ट अप में पैसा लगाया था। शाम को डिनर के समय टाइलर और एरिका ने जार्ज शुल्‍ज के सामने अपनी बात रखी । जार्ज शुल्‍ज ने पूरी बात सुनने के बाद कहा यह आप दोनों का दिमागी फितूर है। जैसा एरिका ने 2014 में TED पर की गयी भावपूर्ण बातचीत में बताया कि केवल कुछ सवाल उठाने पर उन्‍हें निकाल दिया गया। एरिका की बात-चीत आप यहां सुन सकते हैं

एक समय तो ऐसी स्थिति आ गयी कि एरिका और टाइलर को लगा कि इतने लोग भला कैसे गलत हो सकते हैं कहीं हम लोगों पर ही तो पागलपन सवार नहीं है? ऐसे में उन्‍हें साथ मिला वाल स्‍ट्रीट जनरल के पत्रकार केयरारू का। केयरारू शुरू से ही इस कंपनी पर नज.र बनाये हुए थे। और फिर इन लोगों ने मिल कर भांडा फोड. दिया। एलिजाबेथ को इसकी भनक लग गयी थी कि वाल स्‍ट्रीट जनरल में थेरानॉस के बारे छपने जा रहा है। यह रूपर्ट मरडोक का अखबार था । उन्‍होंने जनरल में प्रकाशन से पहले रूपर्ट मरडोक से संपर्क कर इसे रोकने का अनुरोध किया था पर मरडोक ने इसमें हस्‍तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

जैसी कि रवायत है एजिाबेथ अब कथा कहानियों और फिल्‍मों का विषय हो गयी हैं । उन पर एचबीओ ने एक डॉक्‍यूमेंटरी बनायी है द इनवेंटर: आउट फॉर ब्‍लड इन सिलिकन वैली – इसका ट्रेलर आप यहां देख सकते हैं

इसके अलावा एलिजाबेथ पर केंद्रित कई फिल्‍में और किताबें आ गयी हैं जो अब पब्लिक डोमेन में है।

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